गणाचार्य श्री विरागसागर जी मुनिराज के सुयोग्य शिष्य श्रमण श्री विशोक सागर जी
मुनिराज ससंघ ( 8 पिच्छी) श्रमण श्री विभंजनसागर जी मुनिराज ससंघ ( 2 पिच्छी) का
अभी श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, देवगढ़ जी की ओर मंगल विहार चल रहा है
आज की आहार चर्या जाखलौन में होगी और संभवतः आज शाम को ही देवगढ़ जी मे मंगल प्रवेश
हो सकता है।। आप भी आएं........ संत दर्शन कर पुण्यार्जन करें।
No comments:
Post a Comment