गणाचार्य श्री विरागसागर जी मुनिराज के सुयोग्य शिष्य श्रमण श्री विशोक सागर जी
मुनिराज ससंघ ( 8 पिच्छी) श्रमण श्री विभंजनसागर जी मुनिराज ससंघ ( 2 पिच्छी) का
अभी श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, देवगढ़ जी मे विराजमान है।। आप भी
आएं........ संत दर्शन कर पुण्यार्जन करें। नोट परम पूज्य मुनि संघ का कल शाम 5.00बजे
देवगढ़ जी से सहराई के लिए विहार होगा 16जून की आहार चर्या वही होगी
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